AI-आधारित MMM से ROAS अनुमान: रिटेल बजट सही करें

ई-कॉमर्स और रिटेल में AIBy 3L3C

AI-आधारित MMM से predictive ROAS बनाएं। जानें क्यों last-touch अधूरा है, TikTok/वीडियो का असली योगदान कैसे मापें, और रिटेल बजट कैसे तय करें।

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AI-आधारित MMM से ROAS अनुमान: रिटेल बजट सही करें

दिसंबर की सेल-सीज़न गर्म है। आपके डैशबोर्ड पर ROAS भी “अच्छा” दिख रहा है। फिर भी मन में एक खटक रहती है: क्या ये ROAS सच में सही है, या सिर्फ आख़िरी क्लिक की कहानी?

ज़्यादातर ई-कॉमर्स और मीडिया/एंटरटेनमेंट ब्रांड यहीं फंसते हैं। वे last-touch attribution (आख़िरी टच/क्लिक को पूरा क्रेडिट) पर भरोसा करके बजट शिफ्ट करते रहते हैं—और अनजाने में उन चैनलों को कमज़ोर कर देते हैं जो ग्राहक की खरीद-यात्रा की शुरुआत करते हैं: वीडियो, क्रिएटर कंटेंट, CTV, ऑडियो, OOH, ब्रांड कैंपेन, और कई बार TikTok/Shorts जैसे प्लेटफ़ॉर्म।

मेरी साफ राय है: 2026 की प्लानिंग last-touch अकेले नहीं संभाल सकता। प्राइवेसी बदल चुकी है, ट्रैकिंग टूट रही है, और ग्राहक-यात्रा अब सीधी रेखा नहीं रही। इसी वजह से Media Mix Modeling (MMM)—खासकर AI-ड्रिवन, “always-on” MMM—अब “nice to have” नहीं, बल्कि predictive ROAS के लिए ज़रूरी आधार बन रहा है।

Last-touch attribution अब अधूरा क्यों पड़ रहा है?

सीधा जवाब: क्योंकि यह “किसने आख़िरी धक्का दिया” बताता है, “किसने खरीद की इच्छा बनाई” नहीं।

Last-touch attribution हर कन्वर्ज़न का श्रेय आख़िरी इंटरैक्शन को दे देता है—जैसे आख़िरी क्लिक, आख़िरी इंस्टॉल, आख़िरी व्यू-थ्रू। पुराने समय में यह काफी उपयोगी था, क्योंकि यूज़र जर्नी कम चैनलों में, कम डिवाइसों पर और कम दिनों में पूरी हो जाती थी। अब ऐसा नहीं है।

ई-कॉमर्स/रिटेल में आज की असली यात्रा

एक सामान्य ग्राहक का पैटर्न अक्सर ऐसा होता है:

  • क्रिएटर का वीडियो/रील देखकर प्रोडक्ट “नज़र में आता” है
  • ब्रांड सर्च, रिव्यू, प्राइस-कम्पैरिजन शुरू होता है
  • 2–3 दिन बाद रिटार्गेटिंग ऐड दिखता है
  • फिर ऐप/वेबसाइट पर डायरेक्ट जाकर खरीद हो जाती है

Last-touch अक्सर आख़िरी स्टेप (रिटार्गेटिंग या ब्रांड सर्च) को जीत दिलाता है। नतीजा? ऊपर-फ़नल चैनल undervalue होते हैं। और आप वही बजट काट देते हैं जो मांग पैदा कर रहा था।

प्राइवेसी + सिग्नल लॉस = “डैशबोर्ड की सच्चाई” कमजोर

आईडेंटिफ़ायर घट रहे हैं, एग्रीगेटेड रिपोर्टिंग बढ़ रही है, और प्लेटफ़ॉर्म्स डेटा शेयरिंग सीमित कर रहे हैं। ऐसे में यूज़र-लेवल ट्रैकिंग पर आधारित attribution स्वभाविक रूप से कमज़ोर होता जाता है। समस्या यह नहीं कि last-touch “गलत” है—समस्या यह है कि यह पूरा सच नहीं बताता।

Media Mix Modeling (MMM) क्या करता है—और AI इसे क्यों मजबूत बनाता है?

सीधा जवाब: MMM पूरे मीडिया मिक्स के “इन्क्रीमेंटल” योगदान को एग्रीगेटेड डेटा से मॉडल करता है, और AI इसे तेज़, ज़्यादा प्रेडिक्टिव और ऑपरेशनल बनाता है।

परंपरागत MMM की छवि “साल में एक बार बनने वाली रिपोर्ट” जैसी थी—धीमी, भारी और रेट्रोस्पेक्टिव। लेकिन आधुनिक MMM अलग है:

  • एग्रीगेटेड/मार्केट-लेवल डेटा पर काम करके प्राइवेसी-सेफ रहता है
  • लंबे समय का प्रभाव पकड़ता है (ब्रांड लिफ्ट, लेटेंट डिमांड)
  • मल्टी-चैनल योगदान को एक साथ जोड़ता है
  • रिस्पॉन्स कर्व (diminishing returns) निकालकर बताता है कि किस चैनल में अगला रुपया कितना असर देगा

AI की भूमिका: MMM “रिपोर्ट” नहीं, “निर्णय-इंजन” बन जाता है

AI/ML के साथ MMM में तीन ठोस फायदे दिखते हैं:

  1. फ्रीक्वेंसी और रिफ्रेश तेज़: मॉडल जल्दी अपडेट हो सकता है (साप्ताहिक/दैनिक इनपुट रिफ्रेश के साथ)
  2. नॉन-लाइनियर पैटर्न पकड़ना: सीज़नैलिटी, प्रमोशन, कीमत, स्टॉक-आउट जैसे प्रभाव बेहतर तरीके से अलग होते हैं
  3. सिनेरियो सिमुलेशन: “अगर TikTok 15% बढ़ाएं और Search 10% घटाएं तो अगले 4 हफ्तों में ROAS क्या होगा?”—इस तरह के सवालों के जवाब प्रेडिक्टिव रूप से मिलते हैं

एक लाइन में: AI-ड्रिवन MMM आपको “क्या हुआ” से आगे ले जाकर “क्या होने वाला है” पर काम करने देता है।

TikTok/Short-form वीडियो का मूल्य अक्सर कम क्यों दिखता है?

सीधा जवाब: क्योंकि यह अक्सर जर्नी की शुरुआत करता है, अंत नहीं।

Short-form वीडियो प्लेटफ़ॉर्म्स (TikTok, Reels, Shorts) का असर “प्रेरणा” और “डिस्कवरी” पर बड़ा होता है। ग्राहक को पहली बार प्रोडक्ट याद आता है, ब्रांड का टोन/स्टाइल समझ आता है, और फिर वह बाद में कहीं और जाकर खरीदता है।

RSS स्रोत में दिए गए एक महत्वपूर्ण आँकड़े के अनुसार, MMM से मापने पर TikTok की incrementality iOS और Android दोनों पर last-touch की तुलना में लगभग 35% अधिक पाई गई। और यह भी कि TikTok 11%–16% अधिक underreport होने की संभावना रखता है, जबकि वह प्रतिस्पर्धियों की तुलना में 17%–20% अधिक efficient तरीके से acquisition चला सकता है।

इसका व्यावहारिक मतलब:

  • अगर आप last-touch देखकर TikTok को “कम ROAS” मानकर काट रहे हैं, तो आप ऊपर-फ़नल को खुद कमजोर कर रहे हैं
  • MMM आपको दिखाता है कि कौन सा चैनल वास्तव में अतिरिक्त बिक्री/इंस्टॉल ला रहा है, सिर्फ क्रेडिट नहीं चुरा रहा

हाई-परफॉर्मिंग टीमें Last-touch + MMM को साथ कैसे चलाती हैं?

सीधा जवाब: वे last-touch को ऑप्टिमाइज़ेशन के लिए रखते हैं, और MMM को बजट/मिक्स के लिए।

यह कोई “या तो/या” वाली बहस नहीं है। दोनों का काम अलग है:

  • Last-touch attribution: क्रिएटिव A बनाम B, कैम्पेन सेटअप, बोली/ऑडियंस ट्यूनिंग, त्वरित ऑप्टिमाइज़ेशन
  • MMM (AI-ड्रिवन): चैनल मिक्स, इन्क्रीमेंटलिटी, लंबे समय का प्रभाव, बजट री-एलोकेशन, प्रेडिक्टिव ROAS

1) एक ही निर्णय-लूप में “स्पीड + सच्चाई”

प्रैक्टिकल सेटअप:

  • डेली: last-touch से परफॉर्मेंस hygiene (waste कंट्रोल, फ़्रीक्वेंसी कैप, क्रिएटिव रोटेशन)
  • वीकली/बाय-वीकली: MMM से बजट दिशा (किस चैनल का योगदान बढ़ रहा/घट रहा)
  • मंथली: सिनेरियो प्लानिंग (सीज़नैलिटी, नए लॉन्च, सेल इवेंट)

2) “इन्फ्लुएंस” को मापना, सिर्फ क्लिक नहीं

ई-कॉमर्स में ब्रांड एक्सपोज़र अक्सर conversion probability बढ़ाता है। AI-आधारित MMM में आप यह देख सकते हैं कि:

  • ब्रांड वीडियो/CTV बढ़ने पर ब्रांड सर्च कैसे बदलता है
  • रिटार्गेटिंग की परफॉर्मेंस ऊपर-फ़नल से कितना “फीड” हो रही है

3) खर्च से पहले बजट सिमुलेशन

बेहतर तरीका यह है कि आप कैम्पेन लॉन्च से पहले ही पूछें:

  • “अगले 30 दिनों में 1 करोड़ के बजट को 5 चैनलों में कैसे बाँटें?”
  • “अगर इंस्टॉल की जगह purchase optimization करें, तो ROAS पर क्या असर पड़ेगा?”

AI-ड्रिवन MMM का असली फायदा यहीं आता है—पैसा लगने से पहले अनुमान।

ई-कॉमर्स और रिटेल में AI-MMM लागू करने का एक व्यावहारिक रोडमैप

सीधा जवाब: डेटा को व्यवस्थित करें, बेसलाइन मॉडल बनाएं, फिर automation और experimentation जोड़ें।

चरण 1: सही डेटा सूची (minimum viable MMM)

आपको आमतौर पर इन इनपुट्स की ज़रूरत होगी:

  • चैनल-वाइज़ खर्च (Search, Social, Video/CTV, Affiliates, Influencer, Retail Media आदि)
  • परिणाम मेट्रिक्स (ऑर्डर, रेवेन्यू, ऐप इंस्टॉल, सब्सक्रिप्शन, LTV प्रॉक्सी)
  • कंट्रोल वेरिएबल्स: कीमत, डिस्काउंट, स्टॉक-आउट, फेस्टिव/वीकेंड, ऐप अपडेट, प्रतियोगी प्रमोशन (जहां संभव)

चरण 2: “नार्थ स्टार” स्पष्ट करें—ROAS या Contribution Margin ROAS?

सिर्फ ROAS कई बार भ्रम देता है। रिटेल में मैं अक्सर Contribution Margin ROAS (मार्जिन आधारित) को प्राथमिकता देता हूं, क्योंकि:

  • भारी डिस्काउंट में ROAS अच्छा दिख सकता है, पर मुनाफा नहीं
  • अलग-अलग कैटेगरी में मार्जिन अलग होता है

चरण 3: रिस्पॉन्स कर्व और saturation को मानक बनाएं

MMM का सबसे उपयोगी आउटपुट है: किस चैनल में diminishing returns कब शुरू होते हैं।

  • Search अक्सर जल्दी saturate होता है
  • Video/Creator चैनल धीरे-धीरे असर दिखाते हैं, पर स्केल पर बेहतर sustain कर सकते हैं

चरण 4: AI के साथ “always-on incrementality”

एक अच्छा ऑपरेटिंग नियम:

  • MMM को “सालाना प्रोजेक्ट” न बनाएं
  • इसे चलते-चलते सीखने वाला सिस्टम बनाएं—जहां मॉडल अपडेट होते रहें, और बजट निर्णय उसी के मुताबिक बदलें

“People also ask”: 4 सवाल जो हर टीम पूछती है

क्या MMM छोटे ब्रांड के लिए भी काम करता है?

हाँ, अगर आपके पास पर्याप्त समय-सीरीज़ डेटा (आमतौर पर 12–24 हफ्ते या अधिक) और चैनल-वाइज़ खर्च का साफ रिकॉर्ड है। शुरुआत छोटे scope से करें—3–4 चैनल और एक primary outcome.

क्या MMM last-touch को बदल देगा?

नहीं। last-touch का tactical value बना रहेगा, लेकिन बजट-मिक्स के लिए उस पर अकेले भरोसा करना महंगा पड़ता है।

MMM में AI “कहां” उपयोग होता है?

फीचर इंजीनियरिंग, नॉन-लाइनियर मॉडलिंग, ऑटो-ट्यूनिंग, anomaly detection, और scenario forecasting—इन सबमें AI मदद करता है।

सबसे बड़ी गलती क्या होती है?

डेटा में प्रमोशन/प्राइस/स्टॉक-आउट को कंट्रोल न करना। फिर मॉडल मीडिया को वह क्रेडिट दे देता है जो असल में डिस्काउंट या स्टॉक उपलब्धता ने बनाया था।

अब आगे क्या करें: 2026 के बजट से पहले 2 छोटे कदम

अगर आप “ई-कॉमर्स और रिटेल में AI” सीरीज़ पढ़ रहे हैं, तो यह पोस्ट उसी बड़ी कहानी का हिस्सा है: AI का असली फायदा मॉडल बनाने में नहीं, बेहतर निर्णय लेने में है।

पहला कदम: अपने पिछले 3–6 महीनों के खर्च और रेवेन्यू को चैनल-वाइज़ साफ करें, और यह देखिए कि कौन से चैनल last-touch में “हमेशा जीतते” दिखते हैं। अक्सर वही चैनल क्रेडिट ओवरटेक कर रहे होते हैं।

दूसरा कदम: 2026 के लिए कम से कम एक “सिनेरियो” लिखें—जैसे, ब्रांड वीडियो 20% बढ़ेगा, रिटार्गेटिंग 10% घटेगी, और क्रिएटर कंटेंट में 15% निवेश होगा। फिर अपने मापन ढांचे (MMM + last-touch) को इस सवाल का जवाब देने लायक बनाइए: कौन सा बदलाव सच में incremental ROAS बढ़ाएगा?

आप क्या सोचते हैं—आपकी टीम आज भी “आख़िरी क्लिक” के हिसाब से बजट चलाती है, या “पूरी यात्रा” के हिसाब से?

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