Orange–MasOrange डील और US–UK टेक वार्ताओं से सीखिए कि 5G नेटवर्क में AI ऑप्टिमाइज़ेशन, AIOps और स्लाइसिंग ROI कैसे बढ़ाते हैं।
5G नेटवर्क में AI: Orange डील से ऑपरेटरों को क्या सीख
€4.3 बिलियन का सौदा सिर्फ बैलेंस-शीट की खबर नहीं होता—कई बार ये बताता है कि टेलीकॉम का अगला “ऑपरेटिंग मॉडल” किस तरफ जा रहा है। 19/12/2025 को Orange ने अपने स्पेनिश जॉइंट वेंचर MasOrange में पार्टनर Lorca की बची हुई 50% हिस्सेदारी खरीदने के लिए बाध्यकारी समझौता किया, जिससे 2026 की पहली छमाही तक (रेगुलेटरी मंज़ूरी के बाद) कंपनी पूर्ण नियंत्रण की ओर बढ़ रही है। MasOrange के पैमाने की बात करें तो रिपोर्टिंग के मुताबिक यह 30 मिलियन+ ग्राहकों वाला व्यवसाय है।
इसी हफ्ते की दूसरी खबर—US ने UK के साथ टेक-ट्रेड वार्ताएं रोक दीं—एक अलग ही सच्चाई दिखाती है: जब तकनीक और नीति/व्यापार एक-दूसरे में उलझते हैं, गति धीमी पड़ती है। टेलीकॉम ऑपरेटरों के लिए इससे एक व्यावहारिक सबक निकलता है: जो चीज़ें आपके कंट्रोल में हैं—नेटवर्क ऑप्टिमाइज़ेशन, ऑटोमेशन, और AI-आधारित निर्णय—उन्हें पहले मज़बूत कीजिए।
यह पोस्ट हमारी “दूरसंचार और 5G में AI” सीरीज़ के संदर्भ में उसी बात को खोलकर बताती है: Orange–MasOrange जैसी एकीकरण रणनीति AI-ड्रिवन 5G ऑपरेशंस के लिए क्यों मुफ़ीद है, और US–UK जैसी अटकी वार्ताएं हमें किन जोखिमों की याद दिलाती हैं।
Orange–MasOrange डील: नेटवर्क इंटीग्रेशन का असली मतलब
सीधी बात: पूर्ण स्वामित्व का फायदा “कमांड और कंट्रोल” नहीं, बल्कि नेटवर्क और डेटा का एकीकृत संचालन है—और यही AI को असरदार बनाता है।
MasOrange का इतिहास (Orange Spain + Masmovil का मर्जर, और Masmovil का 2020 में Lorca द्वारा अधिग्रहण) दिखाता है कि स्पेन में स्केल, स्पेक्ट्रम, साइट्स और ब्रांड-पोर्टफोलियो का समेकन लगातार चल रहा है। अब जब Orange पूर्ण नियंत्रण के करीब है, तो उसके पास तीन स्पष्ट लीवर खुलते हैं:
- एकीकृत RAN और कोर रोडमैप: मल्टी-वेंडर/मल्टी-आर्किटेक्चर नेटवर्क में AI लगाना संभव है, पर असर तब बढ़ता है जब टार्गेट आर्किटेक्चर साफ हो।
- एक कंसिस्टेंट डेटा लेयर: AI को KPI, ट्रैफिक पैटर्न, हैंडओवर, साइट हेल्थ, ऊर्जा उपयोग, शिकायतें—सबका साफ डेटा चाहिए। JV संरचना में डेटा-साइलो आम हैं।
- ऑपरेशंस का मानकीकरण: समान SOPs, समान टूलिंग, समान ऑटोमेशन—AI प्रोजेक्ट “पायलट” से “प्रोडक्शन” तभी जाता है।
एक लाइन में: “AI मॉडल उतना ही अच्छा होता है जितनी अच्छी आपकी नेटवर्क-डेटा पाइपलाइन होती है।”
5G में AI कहाँ सबसे जल्दी ROI देता है (ऑपरेटर दृष्टि से)
सीधा उत्तर: सबसे तेज़ रिटर्न तीन जगह मिलता है—ट्रैफिक फोरकास्टिंग, फॉल्ट/परफॉर्मेंस ऑटोमेशन, और एनर्जी ऑप्टिमाइज़ेशन।
1) AI-आधारित ट्रैफिक विश्लेषण और क्षमता योजना
5G नेटवर्क में ट्रैफिक “पीक-हेवी” होता जा रहा है—फेस्टिव सीज़न, स्टेडियम/इवेंट्स, छुट्टियां, और लोकल हॉटस्पॉट्स (मॉल, कॉर्पोरेट हब) अचानक लोड बढ़ाते हैं। दिसंबर 2025 के हिसाब से यूरोप में छुट्टियों का सीज़न और भारत में साल-अंत खरीदारी/ट्रैवल—दोनों जगह नेटवर्क पीक देखने को मिलते हैं।
AI यहाँ क्या करता है:
- सेल/क्लस्टर स्तर पर शॉर्ट-टर्म डिमांड फोरकास्ट
- “कहाँ अपग्रेड चाहिए” का डेटा-ड्रिवन प्रायरिटाइज़ेशन
- स्पेक्ट्रम/कैरियर एग्रीगेशन सेटिंग्स का परफॉर्मेंस-ट्यूनिंग
व्यावहारिक संकेत: यदि आपके पास 8–12 हफ्तों का हाई-ग्रैन्युलैरिटी KPI डेटा (PRB utilization, throughput, drop rate, latency, handover failures) है, तो आप 90 दिनों के भीतर “हॉटसेल” पहचानकर कैपेक्स को बेहतर निशाना बना सकते हैं।
2) AIOps: अलार्म-स्टॉर्म से रूट-कॉज़ तक
टेलीकॉम NOC में समस्या अक्सर “अलार्म की संख्या” नहीं, अलार्म का शोर होती है। AI/ML आधारित AIOps:
- अलार्म को कोरिलेट करके incident की असली जड़ दिखाता है
- recurring फॉल्ट पैटर्न पहचानकर प्रिवेंटिव मेंटेनेंस चलाता है
- MTTR घटाता है क्योंकि इंजीनियर सही जगह पहले पहुँचते हैं
मैंने कई ऑपरेटरों में देखा है कि सबसे पहले “टॉप 20 recurrent incidents” पर मॉडल लगाने से टीम का भरोसा बनता है, और फिर स्केलिंग आसान हो जाती है।
3) 5G ऊर्जा लागत: AI से सीधा ऑपेक्स बचत
यूरोप में ऊर्जा कीमतें और ESG रिपोर्टिंग—दोनों दबाव डालते हैं। RAN में ऊर्जा बचत के लिए AI:
- low-traffic समय में रेडियो/कैरियर का स्मार्ट स्लीप
- साइट कूलिंग और पावर प्रोफाइल का अनुकूलन
- performance-impact सीमा में रहकर एनर्जी पॉलिसी ऑटो-ट्यूनिंग
एकीकरण (जैसे Orange का पूर्ण नियंत्रण) यहाँ मदद करता है क्योंकि ऊर्जा नीतियां नेटवर्क-स्तर पर एकसमान लागू की जा सकती हैं।
SA 5G, नेटवर्क स्लाइसिंग और “AI-रेडी” आर्किटेक्चर
सीधा उत्तर: SA 5G और स्लाइसिंग बिना AI के चल सकती है, लेकिन AI के बिना इसे लाभदायक चलाना मुश्किल हो जाता है।
RSS में Ericsson–stc डील का संदर्भ खास है क्योंकि इसमें SA 5G, 5G-Advanced, massive MIMO, cloud-native और advanced AI capabilities का स्पष्ट उल्लेख है। SA 5G फीचर्स (जैसे network slicing) का वादा है: एक ही फिजिकल नेटवर्क पर अलग-अलग “वर्चुअल नेटवर्क” जैसे अनुभव—एंटरप्राइज़, IoT, कंज्यूमर गेमिंग, मिशन-क्रिटिकल ऐप्स।
पर वास्तविकता में स्लाइसिंग ऑपरेशंस जटिल हैं:
- कौन सा स्लाइस किस SLA पर चलेगा?
- भीड़ बढ़ने पर किसे प्राथमिकता मिलेगी?
- SLA टूटने से पहले कौन सा संकेत चेतावनी देगा?
यहाँ AI की भूमिका सीधी है:
- SLA प्रेडिक्शन (भविष्य के KPI अनुमान)
- पॉलिसी-ड्रिवन ऑटोमेशन (जैसे congestion में slicing policy adjust)
- सेल्फ-ऑप्टिमाइज़िंग नेटवर्क (SON) का आधुनिक रूप—जहाँ नियम नहीं, डेटा और फीडबैक-लूप काम करते हैं
US–UK टेक वार्ताओं का “टेलीकॉम” सबक
सीधी बात: जियोपॉलिटिक्स और ट्रेड-टेंशन आपकी 5G योजना की टाइमलाइन बिगाड़ सकती है—इसलिए ऑपरेशनल लचीलापन (operational resilience) रणनीति का हिस्सा होना चाहिए।
US ने UK के साथ “technology prosperity deal” वार्ताएं रोक दीं; रिपोर्टिंग के मुताबिक AI, क्वांटम कंप्यूटिंग, न्यूक्लियर एनर्जी जैसे क्षेत्रों में सहयोग और बड़े निवेश (लगभग £31 बिलियन) की बातें थीं। ऐसी अनिश्चितता टेलीकॉम में तीन जोखिम बढ़ाती है:
- सप्लाई चेन और कीमतें: हार्डवेयर/चिप्स/क्लाउड कंडीशंस बदल सकती हैं।
- डेटा गवर्नेंस: क्रॉस-बॉर्डर डेटा और AI मॉडल ट्रेनिंग/डिप्लॉयमेंट पर नियम कड़े हो सकते हैं।
- स्टैंडर्ड्स/इंटरऑप: API, security, और compliance अपेक्षाएं बदलती हैं।
इसीलिए ऑपरेटरों के लिए एक ठोस कदम है: नेटवर्क ऑब्ज़र्वेबिलिटी और ऑटोमेशन को “स्थानीय रूप से चलने योग्य” बनाइए—ताकि नीति-अड़चन होने पर भी ऑपरेशंस ठप न हों।
टेलीकॉम में AI लागू करना है? यह 90-दिन का व्यावहारिक प्लान अपनाइए
सीधा उत्तर: पहले डेटा और KPI स्पष्ट करें, फिर 2–3 हाई-इम्पैक्ट यूज़-केस, और अंत में ऑटोमेशन-गार्डरेल्स।
नीचे एक ऐसा प्लान है जो मैं ऑपरेटर टीमों को अक्सर सुझाता हूँ—खासकर तब, जब नेटवर्क इंटीग्रेशन (जैसे JV से सिंगल ऑपरेटर) चल रहा हो:
चरण 1 (दिन 1–30): “एक सच” वाला KPI बेसलाइन
- 10–15 core KPI तय करें: latency, drop rate, HO success, PRB utilization, energy/site, complaint rate
- डेटा सोर्स मैप करें: RAN, core, OSS, ticketing, CRM
- एक बेसलाइन रिपोर्ट बनाइए जिसे नेटवर्क+कस्टमर केयर दोनों मानें
चरण 2 (दिन 31–60): 2–3 AI यूज़-केस जो जल्दी दिखें
- Hot-cell prediction + capacity action list
- Alarm correlation for top incidents
- Energy policy optimization for low-traffic windows
चरण 3 (दिन 61–90): “ऑटोमेशन, पर सीमाओं के साथ”
- human-in-the-loop approvals
- roll-back policy और change logs
- मॉडल drift monitoring (मॉडल का प्रदर्शन समय के साथ गिर न जाए)
एक ऑपरेटर के लिए सबसे महंगा AI प्रोजेक्ट वह होता है जो PoC बनकर रह जाए। 90 दिनों में measurable KPI impact दिखाना ज़रूरी है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (टेलीकॉम + AI)
क्या 5G नेटवर्क ऑप्टिमाइज़ेशन के लिए AI अनिवार्य है?
अनिवार्य नहीं, पर स्केल पर किफायती ऑपरेशन के लिए AI तेज़ी से “मानक” बन रहा है। ट्रैफिक, फीचर-सेट और SLA जितने बढ़ेंगे, नियम-आधारित ऑप्टिमाइज़ेशन उतना महंगा और धीमा होगा।
Orange जैसे बड़े ऑपरेटर को पूर्ण स्वामित्व से AI में क्या फायदा?
डेटा, टूलिंग और निर्णय एक जगह आते हैं। इससे AI मॉडल ट्रेनिंग, डिप्लॉयमेंट और गवर्नेंस सरल होती है, और नेटवर्क इंटीग्रेशन के दौरान भी KPI स्थिर रखे जा सकते हैं।
SA 5G और network slicing में AI का सबसे अच्छा उपयोग क्या है?
SLA assurance—यानी SLA टूटने से पहले संकेत पहचानना, और पॉलिसी/रिसोर्स अपने-आप समायोजित करना।
आगे की दिशा: 2026 में ऑपरेटरों की असली परीक्षा
Orange–MasOrange डील बताती है कि यूरोप में ऑपरेटर स्केल और नियंत्रण को प्राथमिकता दे रहे हैं, ताकि वे 5G-Advanced और आगे के नेटवर्क को अधिक कुशलता से चला सकें। Ericsson–stc वाला एग्रीमेंट दिखाता है कि SA 5G, cloud-native और AI क्षमताएं अब “रोडमैप की लाइन” नहीं रहीं—वे कॉन्ट्रैक्ट की भाषा बन चुकी हैं।
US–UK वार्ताओं की रुकावट एक चेतावनी है: बाहरी अनिश्चितता कभी भी आपके टेक निवेशों की टाइमिंग बदल सकती है। ऐसे में मेरी राय साफ है—टेलीकॉम में AI को “इनॉवेशन लैब” से निकालकर “ऑपरेशंस की रीढ़” बनाना होगा।
अगर आप 2026 में 5G नेटवर्क ऑप्टिमाइज़ेशन, ट्रैफिक विश्लेषण, और ग्राहक अनुभव सुधार को एक साथ पकड़ना चाहते हैं, तो शुरुआत तीन जगह से करें: डेटा-एकरूपता, AIOps, और ऊर्जा/क्षमता ऑटोमेशन। और फिर खुद से एक सवाल पूछिए: आपकी टीम का सबसे बड़ा बॉटलनेक तकनीक है, या निर्णय लेने की प्रक्रिया?